ये स्याह बदलियां ;
तुम्हे मेरे बालों सी लगती है..काली / घनेरी
बारिश की बूंदे -
मानों मेरे गीले बालों से झरता पानी
तुम्हारे चेहरे को चूमता ;
हर बूँद एक चुम्बन सी
भीगी -भीगी ,महकी सी !
तुम बूँदों को गिरने नहीं देते
अपनी खुली हथेलियों से थाम लेते हो
मेरी छुअन का अहसास -
इन बूँदों में खोजते हो ..
में होती हूँ इनमे .. हमेशा ...
बरसती हुई ;आती हूँ
तुम्हारे पास ...
इन बारिशों में ,साथ भीगने !!
तुम्हे मेरे बालों सी लगती है..काली / घनेरी
बारिश की बूंदे -
मानों मेरे गीले बालों से झरता पानी
तुम्हारे चेहरे को चूमता ;
हर बूँद एक चुम्बन सी
भीगी -भीगी ,महकी सी !
तुम बूँदों को गिरने नहीं देते
अपनी खुली हथेलियों से थाम लेते हो
मेरी छुअन का अहसास -
इन बूँदों में खोजते हो ..
में होती हूँ इनमे .. हमेशा ...
बरसती हुई ;आती हूँ
तुम्हारे पास ...
इन बारिशों में ,साथ भीगने !!